लखनऊ में कारों की सबसे बड़ी चोरी का खुलासा, चार लग्जरी गाड़ियां बरामद…

 



लखनऊ। महानगर कोतवाली अंतर्गत बादशाहनगर मेट्रो स्टेशन के पास स्थित “कनक कार सेल्स” से सोमवार की रात चोरी हुई 8 लग्जरी गाड़ियों में से पुलिस द्वारा 4 गाड़ियों को केजीएमयू परिसर के विभिन्न स्थानों से बरामद कर लिया गया है। लखनऊ की इस सनसनीखेज व एक साथ 8 गाड़ियों के चोरी होने के सबसे बड़े मामले में 2 लोगों को गिरफ्तारी किया गया है, जबकि इस घटना के मास्टरमाइंड व एक अन्य की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रहीं हैं।
 
दुबग्गा क्षेत्र में रह रहे दीपक चौरसिया ने साथियों के साथ मिलकर चुराईं थीं कारें, एक साथी भी गिरफ्तार…
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने रिजर्व पुलिस लाइन में आज दोपहर बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में पुलिस के गुड वर्क की जानकारी देते हुए बताया कि अटरिया, शाहपुर-बेनीगंज (हरदोई) के रहने वाले रामजी शुक्ला उर्फ श्याम जी व तकिया बांगरमऊ (उन्नाव) के रहने वाले दीपक चौरसिया को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर चौक कोतवाली क्षेत्र के केजीएमयू परिसर में विभिन्न स्थानों पर छुपाकर खड़ी की गईं चुराई गईं 8 गाड़ियों में से बीएमडब्ल्यू (यूपी 42 वाई/4804), फोर्ड इंडीवर (यूपी 32 एच जे/8740), आॅडी क्यू-3 (यूपी 65 बी क्यू/2100) एवं आई-20 (यूपी 78 ई के/4955) बरामद कर ली गई है। पकड़ा गया रामजी शुक्ला उर्फ श्याम जी यहां काकोरी थाना क्षेत्र की पावर हाउस कालोनी में तथा दीपक चौरसिया ठाकुरगंज थाना क्षेत्र की बिहार कालोनी में धोबिया मंदिर के पास, दुबग्गा में रहता है।
मास्टरमाइंड व एक अन्य की तलाश: दीपक पहले लालबाग में कार बाजार में ही करता था काम…
एसएसपी के अनुसार इस बरामदगी व गिरफ्तारी में एएसपी (ट्रांस गोमती) राजेश कुमार श्रीवास्तव एवं सीओ महानगर सोनम कुमार के नेतृत्व में एसएचओ महानगर अशोक कुमार सिंह व अतिरिक्त निरीक्षक (अपराध) धनंजय कुमार की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एसएसपी ने पुलिस टीम की तारीफ करते हुए 20 हजार रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की है।उन्होने बताया कि इस गैंग में 4-5 लोग शामिल हैं तथा मास्टरमाइंड सेमरी, इकौना (बस्ती) के रंजीत उर्फ मंगलेश एवं उसके साथी मोनू की तलाश की जा रही है। एसएसपी के अनुसार पकड़ा गया दीपक चौरसिया लालबाग स्थित पूजा इंटरप्राइजेज कार बाजार का पूर्व कर्मचारी है तथा बलरामपुर से जेल भी जा चुका है। रामजी शुक्ला ड्राइवर है। गिरोह के लोग वारदात के समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे तथा सीसीटीवी का डीबीआर अपने साथ उखाड़ ले जाते थे। इन लोगों ने गाड़ियां चुराने के बाद बादशाहनगर, निशातगंज एवं डालीगंज होते हुए मेडिकल कॉलेज परिसर में ले जाकर खड़ी कर दी थीं। गिरोह के लोग मामला ठंडा पड़ने पर बिहार के रास्ते नेपाल में ले जाकर गाड़ियों को बेंच देते हैं।