महिला जनसुनवाई में उ.प्र. राज्य महिला आयोग की मा0 सदस्य ने सुनी पीड़ित महिलाओं की समस्यायें


जनसुनवाई में आयी हुई शिकायतों की प्रगति से 15 दिन के अंदर अवगत कराने के दिये निर्देश
पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए राज्य महिला आयोग कटिबद्ध - सदस्य, उ.प्र. राज्य महिला आयोग
 06 नवम्बर, 2019 प्रयागराज।
मा. सदस्य, उ.प्र. राज्य महिला आयोग श्रीमती अनीता सचान ने सर्किट हाऊस में पीड़ित महिलाओं की समस्यायें सुनी। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं की शिकायतो को पूरी गम्भीरता से लिया जाय, इसमें किसी प्रकार की शिथिलता बिल्कुल भी बर्दाश्त नही की जायेगी। उन्होंने कहा कि महिला जन सुनवाई में आने वाले शिकायती प्रकरणों के निस्तारण की मानिटरिंग सुनवाई के बाद नियमित रूप से आयोग के स्तर पर की जाती है इसलिए प्रकरणों को बेवजह लम्बित करने तथा पीडित महिलाओ को न्याय दिलाने में किसी प्रकार का विलम्ब कतई क्षम्य नही होगा।
मा. सदस्य, उ.प्र. राज्य महिला आयोग ने कहा कि आज की नारी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है। महिला आयोग का गठन पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए ही हुआ है। यदि किसी महिला को न्याय मिलने में कोई परेशानी आ रही है तो वे अपनी समस्या को लेकर महिला जनसुनवाई में जरूर आये। जनसुनवाई में पीड़ित महिलाओं की पूरी सहायता की जायेगी। मा0 सदस्य ने कहा कि जनसुनवाई में मौजूद सम्बन्धित थानों के पुलिस के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनसुनवाई में आयी हुई शिकायतों के प्रगति की रिपोर्ट हमें 15 दिन के अंदर अवगत करायें साथ ही राज्य महिला आयोग से जो भी पत्र आपके थानों में आते हैं, उसका जवाब लेकर ही जनसुनवाई में आये। जनसुनवाई में मोनी कुमारी कुम्हराना गली सुलेम सराय, धूमनंगज ने महिला आयोग की सदस्य के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज करायी, जिसपर महिला आयोग की सदस्य ने उनकी शिकायत का संज्ञान लेते हुए जल्द से जल्द शिकायत के समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। जनसुनवाई में इसी प्रकार ममता तिवारी पत्नी नवीन बाजपेयी ने अपनी समस्या महिला आयोग की सदस्य के समक्ष बतायी। इस तरह महिला जनसुनवाई में लगभग आधा दर्जन से अधिक मामले सुनवाई के लिए आये। मा. सदस्य ने सम्बन्धित थाने के प्रभारी को निर्देशित किया कि दर्ज की गयी शिकायत की जांच करते हुए निस्तारण से अवगत करायें।
मा. सदस्य ने पूर्व की जनसुनवाई के प्रकरणों के निस्तारण की स्थिति देखी। उन्होंने उपस्थित थानो के प्रभारी अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनें। उन्होंने कहा कि अगर कोई पीडित महिला थाने में अपनी शिकायत लेकर आती है तो उसकी समस्या को गम्भीरता से सुने तथा उस पर त्वरित कार्यवाही भी करें। उन्होंने कहा कि महिलाओ की समस्याओं को त्वरित निस्तारण कराने के लिए उ.प्र. राज्य महिला आयोग पूरी तरह से कटिबद्ध है।