हाॅस्पिटल में कराये जा रहे कार्यों की प्रगति का लिया जायजा, ससमय कार्य को पूरा करने के प्रमुख सचिव ने दिए निर्देश
समय से कार्य को पूरा न करने वाली कार्यदायी संस्थाओं को किया जायेगा ब्लैक लिस्ट-प्रमुख सचिव/नोडल अधिकारी, प्रयागराज
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में गंदगी पाये जाने पर जतायी कड़ी नाराजगी, सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के दिए निर्देश
मरीजों को बाहर की दवा लिखने वाले डाॅक्टरों पर की जायेंगी कड़ी कार्रवाई
आयुष्मान योजना के अन्तर्गत 60 गोल्डेन कार्ड प्रतिदिन बनाने के दिए निर्देश
07 नवम्बर, 2019 प्रयागराज।
डाॅ0 रजनीश दूबे, प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश/नोडल अधिकारी प्रयागराज ने स्वरूपरानी मेडिकल कालेज प्रयागराज का निरीक्षण किया। उन्होंने 20000 ली0 लीक्विड आॅक्सीजन का एक और सिस्टम स्थापित करने हेतु निर्देश दिये, जिससे अस्पताल और नवनिर्मित पीएमएसएसवाई के प्रारम्भ होने पर सभी जगह मरीजों की आवश्यकता के अनुरूप आॅक्सीजन की कमी न हो। उन्होंने निर्देशित किया कि आवश्यक सभी उपकरणों को तय समयसीमा के अंदर मांगना सुनिश्चित किया जाय तथा शेष उपकरणों को माह जनवरी के अंत तक आवश्यक रूप से मंगा लिया जाय। उन्होंने एस0टी0पी0 के कार्य की प्रगति का जायजा लेते हुए कार्य को जनवरी माह तक पूरा करने के निर्देश दिये। समय पर कार्य पूरा न होने पर सम्बन्धित कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई की जायेगी।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में गंदगी पाये जाने पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था के लिए अस्पतालों में अतिरिक्त कर्मचारियों की अगर आवश्यकता पड़े तो उनको आउटसोर्स इन सर्विस पैटर्न पर रख कर सफाई व्यवस्था को दुरूस्त किया जाय। उन्होंने अस्पताल में कराये जा रहे कार्यों को ससमय पूरा करने का निर्देश दिया साथ ही कहा कि जिन कार्यदायी संस्थाओं के द्वारा कराये जा रहे कार्यों को ससमय व गुणवत्तापूर्ण तरीके से न किये जाने पर उन संस्थाओं को ब्लैक लिस्ट करने की कार्यवाही की जाय। उन्होंने निरीक्षण के दौरान पाया कि बाॅथरूम के यूरिनल टूटे हुए है, नलो की टोटी भी उखड़ी हुई है, इसके लिए वहां के प्रधानाचार्य और प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक को चेतावनी देते हुए कहा कि इन्हें तत्काल ठीक कराये और अस्पताल में परिसर में जितने भी बाथरूम है वे पूरी तरह से सही और चालू होने चाहिए। वहां पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान दिया जाय। वार्डों के निरीक्षण के दौरान कुछ तीमारदारों द्वारा शिकायत की गयी कि अस्पतालों में डाॅक्टरों द्वारा लिखी गयी दवाईया उपलब्ध नहीं होती है, जिससे हमें मजबूरी में बाहर से दवाईया लेनी पड़ती है, इस पर नाराजगी जताते हुए प्रमुख सचिव ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि सभी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता के लिए समय से प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाय और साथ ही चीफ फार्मेसिस्ट को निर्देश दिया कि दवाओं के उपलब्धता की सूची अनवरत रूप से सभी विभागाध्यक्षों को उपलब्ध करायी जाय, जिससे मरीजो को बाहर से दवा न खरीदना पड़े। मरीजो को सभी आवश्यक दवाएं अस्पताल में ही उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आगे से मरीजो को बाहर से दवा लेने की घटना प्रकाश में आयी तोे कठोर कार्रवाई की जायेंगी। प्रमुख सचिव ने अस्पताल में भर्ती मरीजो से वहां मिलने वाले खाने की गुणवत्ता की जानकारी ली साथ ही उनसे अस्पताल में मरीजो की होने वाली जांचो के सम्बंध में भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देशित किया कि यदि कर्मचारियों की कमी है तो आउटसोर्स इन सर्विस के आधार पर कर्मचारी रखकर सी0टी0 स्कैन व अन्य जांचे अस्पताल में ही कराया जाना सुनिश्चित किया जाय। प्रमुख सचिव ने अस्पताल में महिला वार्ड का भी निरीक्षण किया।
अस्पतालों में मरीजो की भारी संख्या को देखते हुए सी0टी0 स्कैन मशीन के संचालन को दो शिफ्टों में कराने के लिए कहा और इसके लिए इसके संचालन के लिए अतिरिक्त आपरेटरों को व्यवस्था कराने के निर्देश दिये एवं डिजिटल एक्सरे के खराब पड़े प्रिंटर को तत्काल सही कराने के निर्देश दिये। अस्पताल में निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने देखा कि लिफ्ट खराब है, जिससे मरीजो को एक मंजिल से दूसरे मंजिल पर जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को तुरंत ही लिफ्ट को सही कराने के निर्देश दिये। अस्पताल में स्टेशनरी और काॅटेज की कमी नहीं होनी चाहिए।
आयुष्मान योजना की प्रगति की जानकारी लेते हुए प्रमुख सचिव ने इस योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा पात्र लोगो तक पहुंचाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना से वंचित न रहे, इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराकर लोगो को इस योजना के बारे में जानकारी उपलब्ध करायी जाये। साथ ही 2 अतिरिक्त काउंटर खोल कर 60 गोल्डेन कार्ड प्रतिदिन बनाने के निर्देश प्रमुख सचिव ने दिये। आयुष्मान योजना के तहत भर्ती मरीजो को सभी दवाएं व जांचे अस्पताल में मुहैया करायी जाय।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी प्रयागराज ने हाॅस्पिटल में पार्किंग, इन्फ्रांस्ट्रचर, ट्वायलेट आदि का कार्य स्मार्ट सिटी से कराने हेतु एक मास्टर प्लान बनाये जाने का प्रस्ताव किया, जिस पर प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारी के प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए अपनी स्वीकृति प्रदान की और इसके लिए मास्टर प्लान तैयार करने का निर्देश दिया। प्रमुख सचिव ने हाॅस्पिटल में कराये जा रहे एसटीपी, लिफ्ट, कैथ लैब, सी0टी0 स्कैन एवं अन्य कार्यों को पूरा करने के लिए अलग-अलग समय-सीमा निर्धारित करते हुए निर्देशित किया कि जिन कार्यदायी संस्थाओं द्वारा समय से कार्य पूरा नहीं किया जायेगा, उन संस्थाओं को ब्लैक लिस्ट करने की कार्यवाही की जायेगी।
स्वरूपरानी मेडिकल कालेज प्रयागराज का किया निरीक्षण